छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर निजी अस्पताल में दे रहे सेवा? श्री मल्टी स्पेशिलिटी बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर की जांच में हुआ खुलासा

जांच टीम ने तैयार किया प्रतिवेदन, सीएमएचओ को भेजी रिपोर्ट; अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल

जांजगीर-चांपा। जिला अस्पताल जांजगीर में पदस्थ एक चिकित्सक के निजी अस्पताल में सेवा देने का मामला सामने आया है। श्री मल्टी स्पेशिलिटी बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर, जांजगीर में की गई जांच के दौरान यह तथ्य सामने आने की बात कही गई है। मामले में जांच टीम ने प्रतिवेदन तैयार कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जांजगीर-चांपा को प्रेषित कर दिया है। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार, डॉ. शहबाज खांडा की पदस्थापना जिला अस्पताल जांजगीर में एमडी मेडिसिन के रूप में की गई है। इसी बीच श्री मल्टी स्पेशिलिटी बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर में उनके सेवा देने के मामले का खुलासा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संस्थान का निरीक्षण कर जांच किया है। इस संबंध में सिविल सर्जन से जानकारी चाही गई है।

जांच दल में डॉ. अमित अग्रवाल, नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट, जांजगीर-चांपा, उज्ज्वल सिन्हा, जिला कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना, जांजगीर-चांपा, शैलेंद्र कुमार यादव, सहायक ग्रेड-3 तथा प्रवीण तिवारी, सहायक ग्रेड-2 शामिल थे। टीम ने एक शिकायत के आधार पर जांच कर संबंधित तथ्यों का प्रतिवेदन तैयार किया और आगे की कार्रवाई के लिए सीएमएचओ को भेज दिया।

मामले में जांच प्रतिवेदन भेजे जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? वहीं, यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है, तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

सरकारी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों की सेवाएं मरीजों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में उनके कार्यस्थल, सेवा संबंधी नियमों और निजी चिकित्सा संस्थानों में कार्य करने की अनुमति से जुड़े प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है।

श्री मल्टी स्पेशिलिटी बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर से जुड़े इस मामले में जांच प्रतिवेदन सीएमएचओ कार्यालय को भेजे जाने के बाद अब विभागीय कार्रवाई का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या निर्णय लेता है और जांच में सामने आए तथ्यों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इसका लोगों को इंतजार है।

Leave a Reply