पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी पर संकट, पंजीयन अधूरा; 29 अक्टूबर को किसानों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेगी ‘आप’

आप के प्रदेश प्रवक्ता आशुतोष गोपाल बोले—पटवारियों की मांगों और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करे सरकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 13 अक्टूबर से जारी राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते प्रदेश की राजस्व व्यवस्था प्रभावित होने का मुद्दा अब राजनीतिक स्तर पर भी उठने लगा है। धान खरीदी की तैयारियों के बीच किसानों के पंजीयन का काम अधूरा रहने से किसानों की चिंता बढ़ने की बात सामने आ रही है। इस स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर पटवारियों की मांगों और किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आशुतोष गोपाल ने बताया कि पार्टी 29 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपेगी। ज्ञापन के जरिए पटवारियों की हड़ताल से प्रभावित किसानों की समस्याओं को उठाते हुए धान खरीदी से पहले जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराने की मांग की जाएगी।
पटवारियों की मांगों को लेकर जारी है आंदोलन
आशुतोष गोपाल के अनुसार, राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल पीवी (फिजिकल वेरिफिकेशन) ऐप में तकनीकी खामियों, लंबित वेतन विसंगतियों, पदोन्नति और पटवारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में जारी है। हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कार्यों पर असर पड़ने की बात कही जा रही है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों और किसानों को भुगतना पड़ सकता है।
धान खरीदी से पहले पंजीयन बना चिंता का विषय
प्रदेश में धान खरीदी की तैयारियों के बीच किसानों के पंजीयन का काम पूरा होना महत्वपूर्ण है। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से पंजीयन और राजस्व से जुड़े जरूरी कार्यों में देरी की आशंका जताई जा रही है। किसानों को समय पर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में परेशानी न हो, इसके लिए सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की जरूरत है।
29 अक्टूबर को सभी जिलों में सौंपा जाएगा ज्ञापन
आप के प्रदेश प्रवक्ता आशुतोष गोपाल ने कहा कि पार्टी किसानों के हितों और पटवारियों की मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेगी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पटवारी संघ के साथ बातचीत कर विवाद का समाधान निकाला जाए, लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए और धान खरीदी से संबंधित कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि 29 अक्टूबर को सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।
अब देखना होगा कि राज्य सरकार पटवारियों की हड़ताल समाप्त कराने और धान खरीदी से पहले किसानों के लंबित कार्यों को पूरा कराने के लिए क्या कदम उठाती है।