छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

भारी बारिश से फसल नुकसान का आकलन शुरू, खेतों में उतरी कृषि विभाग की टीमें

28 और 29 अक्टूबर को हुई अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वे जारी, किसानों को फसल बीमा और मुआवजा प्रक्रिया की दी जा रही जानकारी

जांजगीर-चांपा। जिले में 28 एवं 29 अक्टूबर को हुई भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित गांवों में पहुंचकर किसानों के खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। विभागीय टीमों द्वारा फसल नुकसान का सर्वे किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को शासन के नियमानुसार राहत और मुआवजे का लाभ दिलाया जा सके।

कृषि विभाग की टीमें खेतों में पहुंचकर बारिश से प्रभावित फसलों की स्थिति का जायजा ले रही हैं। इस दौरान किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और आरबीसी 6-4 के तहत मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है।

फसल बीमा कराने वाले किसान 72 घंटे के भीतर दें सूचना

उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया है, वे फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षा पोर्टल अथवा हेल्पलाइन नंबर 14447 पर दर्ज कराएं। समय पर सूचना दर्ज कराने से बीमा क्लेम की प्रक्रिया में सहायता मिलेगी। वहीं, जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया है, वे अपने क्षेत्र के पटवारी अथवा कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में हुए नुकसान के फोटो और वीडियो सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

जल निकासी और फसलों की निगरानी करने की सलाह

कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जमा अतिरिक्त वर्षा जल की निकासी के लिए नालियों की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दी है। इसके साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। यदि कीट या रोग के लक्षण दिखाई देते हैं तो मौसम साफ होने के बाद कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही उचित कीटनाशक या कवकनाशक का उपयोग करें।

पारदर्शिता के साथ सर्वे करने के निर्देश

कलेक्टर ने कृषि विभाग के सभी मैदानी अधिकारियों को फसल नुकसान का सर्वे पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे रिपोर्ट में वास्तविक स्थिति का सही आकलन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि प्रभावित और पात्र किसानों को शासन के नियमानुसार समय पर राहत राशि अथवा फसल बीमा क्लेम का लाभ मिल सके। जिले में कृषि विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। अब किसानों को सर्वे प्रक्रिया पूरी होने और पात्रता के आधार पर राहत मिलने का इंतजार है।

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