पटवारियों के आंदोलन के समर्थन में उतरा कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, जांजगीर में निलंबन आदेश की प्रतियां जलाकर किया विरोध

20 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को मिला फेडरेशन का समर्थन, चार सूत्रीय मांगों और निलंबित पटवारियों की बहाली को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में पटवारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल पर बैठे राजस्व पटवारियों को अब कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का भी समर्थन मिल गया है। जांजगीर में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला शाखा ने पटवारी संघ के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए शासन की दंडात्मक कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान निलंबन आदेश की प्रतियां जलाकर शासन के प्रति आक्रोश जताया गया।
कर्मचारी भवन, केरा रोड जांजगीर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन और राजस्व पटवारी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व फेडरेशन के जिला संयोजक व्ही.एस. परिहार, जिला महासचिव अर्जुन सिंह क्षत्रिय और जिला सह-संयोजक व्ही.के. पैगवार ने किया। इस दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पटवारी राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके सामने आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किए बिना कामकाज का दबाव बनाना उचित नहीं है। कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय शासन को उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
ये हैं पटवारियों की चार सूत्रीय मांगें
राजस्व पटवारी संघ द्वारा आंदोलन के माध्यम से प्रमुख रूप से चार मांगें उठाई जा रही हैं। इनमें पीवी ऐप की तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं का निराकरण, पटवारियों के विरुद्ध की गई निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई वापस लेना, वेतन विसंगति का निराकरण तथा वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का लाभ प्रदान करना शामिल है।
रैली निकालकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के बाद कर्मचारी भवन से रैली निकाली गई। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। रैली के समापन पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जांजगीर को ज्ञापन सौंपकर निलंबित पटवारियों की तत्काल बहाली और चार सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने पटवारी संघ के संघर्ष को समर्थन देकर कर्मचारी एकता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
3 नवंबर को कलेक्टर को सौंपेंगे संयुक्त ज्ञापन
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को दोपहर 12 बजे कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एवं राजस्व पटवारी संघ के पदाधिकारी संयुक्त रूप से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें निलंबित पटवारियों की शीघ्र बहाली और चार सूत्रीय मांगों का निराकरण करने की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी।
संवाद से समाधान निकालने की अपील
फेडरेशन के जिला संयोजक व्ही.एस. परिहार, जिला महासचिव अर्जुन सिंह क्षत्रिय एवं जिला सह-संयोजक व्ही.के. पैगवार ने शासन से आग्रह किया कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान दमनात्मक कार्रवाई के बजाय सकारात्मक संवाद और न्यायपूर्ण निर्णय के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठनों की एकजुटता किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए है। शासन को तत्काल वार्ता कर आंदोलन का सम्मानजनक समाधान निकालना चाहिए।
ये पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित
विरोध प्रदर्शन में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक व्ही.एस. परिहार, जिला महासचिव अर्जुन सिंह क्षत्रिय, जिला सह-संयोजक व्ही.के. पैगवार, फिरत किरण, निधिलता जायसवाल, डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, रामू भैना, लक्ष्मीनारायण तिवारी सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के जिलाध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं राजस्व पटवारी संघ की ओर से जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव सहित संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
अब निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। पटवारियों की 20 दिनों से जारी हड़ताल और कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के समर्थन के बाद आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया है। ऐसे में कर्मचारियों की मांगों पर शासन की पहल और वार्ता को लेकर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।