श्री मल्टी स्पेशिलिटी बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर में मिलीं खामियां, स्वास्थ्य विभाग ने 3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण
आयुष्मान भारत का काउंटर भू-तल पर नहीं मिला, मेडिसिन विशेषज्ञ भी नहीं थे मौजूद; 12 चिकित्सकों की जानकारी प्रदर्शित, लेकिन पांच को ही तीन माह से वेतन मिलने की बात आई सामने
जांजगीर-चांपा। जांजगीर स्थित श्री मल्टी स्पेशिलिटी बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मिली शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच में कई खामियां सामने आने की जानकारी मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिता श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने श्री मल्टी स्पेशिलिटी बर्न एंड ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की। जांच दल में डॉ. अमित अग्रवाल, नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट, उज्ज्वल सिन्हा, जिला कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना, शैलेंद्र कुमार यादव, सहायक ग्रेड-3 तथा प्रवीण तिवारी, सहायक ग्रेड-2 शामिल थे।
जांच के दौरान अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित व्यवस्थाओं और चिकित्सकों की उपलब्धता सहित अन्य बिंदुओं का निरीक्षण किया गया। सीएमएचओ के अनुसार, जांच में कुछ ऐसी कमियां सामने आईं, जिनके संबंध में अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
आयुष्मान भारत का काउंटर भू-तल पर नहीं मिला
जांच में सामने आया कि अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना का काउंटर भू-तल पर नहीं पाया गया। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए योजना से संबंधित सुविधाओं तक पहुंच आसान होना महत्वपूर्ण है। ऐसे में काउंटर की व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने आपत्ति दर्ज की है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रबंधन के जवाब के बाद इस बिंदु पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
मेडिसिन विशेषज्ञ नहीं मिले मौजूद
जांच के दौरान अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। अस्पताल में चिकित्सकों की उपलब्धता मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में निर्धारित विशेषज्ञ की अनुपस्थिति को लेकर विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या और उनके वेतन संबंधी जानकारी को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।
12 चिकित्सकों की जानकारी प्रदर्शित, पांच को ही वेतन मिलने की बात
सीएमएचओ डॉ. अनिता श्रीवास्तव के अनुसार, अस्पताल में 12 चिकित्सकों की जानकारी प्रदर्शित की गई है, जबकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पिछले तीन माह से केवल पांच चिकित्सकों को ही वेतन दिया जा रहा है। इस अंतर को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है। हालांकि, प्रदर्शित चिकित्सकों की सूची, उनकी वास्तविक नियुक्ति, कार्यरत स्थिति और वेतन संबंधी अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही इस संबंध में पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष भी मामले में महत्वपूर्ण होगा।
तीन दिन में जवाब नहीं तो नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई
सीएमएचओ ने बताया कि जांच में सामने आई कमियों के संबंध में अस्पताल प्रबंधन से तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले में अस्पताल प्रबंधन के जवाब और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर नजर रहेगी। जांच में सामने आए बिंदुओं पर विभागीय कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
मरीजों की सुविधाओं और उपचार व्यवस्था से जुड़ा यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों का पालन और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना मरीजों के हित में आवश्यक है।