बंजारा समाज के उत्थान में शिक्षा और संस्कार बच्चों में जरूरी, स्वामी उमेशानंदगिरि

जांजगीर चांपा। जब तक बंजारा समाज के लोगों में शिक्षा की कमी रहेगी तब तक उन्नति संभव नहीं है इसलिए प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों को पढ़ाने की सख्त आवश्यकता है तभी यह समाज उन्नति कर सकता है।
उक्त बातें ग्राम खपरी टांडपारा में आयोजित बंजारा सम्मेलन में स्वामी उमेशानंद जी गिरि महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि समाज में सबसे बड़ा रुकावट नशा का है इसलिए व्यक्तियों को इससे बचकर रहने की आवश्यकता है क्योंकि नशा से व्यक्ति की मूल संस्कृति नष्ट हो जाती है और वह अपने मूल कर्तव्य से भटक जाता है। इसलिए माता पिता को चाहिए कि अपने बच्चों को अच्छी संस्कार दें। तभी बच्चों के जीवन में सुधार संभव है । स्वामी उमेशानंद गिरि ने कहा कि जब तक बंजारा समाज मांस मदिरा का सेवन नहीं छोड़ेगा तब तक भटकाव की जिंदगी से जीता रहेगा इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीव हत्या से दूर रहना चाहिए और मांस मदिरा से परहेज करनी चहिए। उन्होंने कहा कि बंजारा समाज की उन्नति के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मांस मदिरा छोड़कर अपने परंपराओं एवं अपने संस्कारों को अपनाना आवश्यक है तभी व्यक्ति का उन्नति संभव है।

उन्होंने कहा कि बंजारा समाज के लोग मूलतः क्षत्रिय हैं जो देश में आए संकटों के लिए हमेशा देश विरोधी ताकतों से लड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंजारा समाज का योगदान आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका रहा है जो अपने आप को कुर्बान करते हुए कार्य करते चले आए। उन्होंने कहा कि बंजारा समाज का एक अपना भाषा (बोली) है एवं पहनावे में भी उनकी एक अपनी संस्कृति है जिसे अपनाते रहना चाहिए क्योंकि नायक बंजारा समाज का भाषा अगर विलुप्त हो जाएगा तो अपनों को पहचानने में हमें परेशानी होगी और हम अन्य समाजों की तरह उसमें शामिल हो जाएंगे इसलिए अपनी संस्कृति एवं भाषा को हमेशा अपना कर चलने की जरूरत है। माता शीतला के मंदिर प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में माता शीतला बंजारा समिति के लोगों ने यह कार्यक्रम आयोजित कर स्वामी उमेशानंद गिरि एवं अन्य संतों को सामाजिक सम्मेलन में आमंत्रित थे। यह अवसर पहली बार रहा है जब उमेशानंद गिरि महाराज जी ने ग्राम खपरी टांडपारा में आगमन हुआ।
स्वामी उमेशानंद गिरि के आगमन पर शिव मंदिर धाम से उनका बाजे गाजे के साथ जुलूस निकालते हुए स्वागत किया गया जहां सैकड़ो की संख्या में बंजारा समाज की महिलाओं ने अपनी भाषाओं से गाना गाते हुए महाराज जी के अगवानी की तथा उनके स्वागत में चली यह जुलूस गांव के मुख्य मार्ग होते हुए मां शाकंभरी मंदिर में पहुंची। यहां पत्रकार सीताराम नायक के परिवार के द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया तथा माता शाकंभरी के मंदिर में स्वामी जी ने दस्तक दी। इसके बाद काफिला माता शीतला के धाम को गया जहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर दूर दराज से बिलासपुर संभाग के विभिन्न ग्रामों से नायक बंजारा समाज के लोग उपस्थित हुए । इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्वामी जी का उपस्थित सभी पुरुष एवं महिलाओं ने पुष्प मालाओं से स्वागत किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त कर उनके कार्यक्रम को सफल बनाएं इस अवसर पर कृष्णागिरी जी महाराज, लक्ष्मी नारायण नायक, जयपाल सिंह नायक, डॉ शिवरतन नायक, लक्ष्मी नारायण नायक,सत्यनारायण नायक, रामविलास नायक, सेवाराम नायक, दादूराम नायक, मोहन नायक, समारू नायक, प्यारेलाल नायक, गज्जू नायक, पटवारी सीताराम नायक,नंदा नायक, गोरेलाल नायक बाबूलाल नायक, रथू नायक, लालजी नायक, जगत नायक, गोमती नायक, गौरी नायक, सुकृता नायक, फूलबाई नायक, दसरी बाई नायक, परमी देवी नायक, रामकली नायक, समिति के अध्यक्ष एवं समस्त पदाधिकारी सहित सैकड़ो कीसख्या में लोग उपस्थित थे।
